Friday, August 21, 2026
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सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को 4 दिसंबर तक राहत दी


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे एक मामले में राहत जारी रखी है। कोर्ट ने उस मामले में ये राहत जारी रखी है, जिसमें कांग्रेस सांसद पर साल 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सेना पर कथित अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है।

दरअसल, सु्प्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर लगी अंतरिम रोक को 4 दिसंबर तक बढ़ा दिया। दो जजों की पीठ जस्टिस एम.एम सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने यह फैसला लिया है। कोर्ट ने सुनवाई यह कहते हुए टाल दी कि सुनवाई टालने के लिए एक लेटर भेजा गया था।

राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को दी है चुनौती
बता दें कि यह पूरा मामला राहुल गांधी की कथित टिप्पणी से जुड़ा है, जिसको लेकर आरोप लगे हैं कि कांग्रेस नेता ने सेना का अपमान किया है। राहुल गांधी ने 29 मई के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की उस अर्जी को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने लखनऊ की ट्रायल कोर्ट की ओर से जारी समन को रद करने की मांग की थी।

पहले भी कार्यवाही पर रोक लगा चुका है कोर्ट
गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की आगे की कार्यवाही पर रोक लगाने का आदेश दिया था। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार और शिकायतकर्ता से जवाब मांगा था। हालांकि, उसी दौरान कोर्ट ने पूछा था कि उन्होंने कैसे यह कह दिया कि 2000 वर्ग किलोमीटर भारतीय भूमि चीन के कब्जे में है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या आप वहां पर मौजूद थे? कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर आप सच्चे भारतीय होंगे, तो ऐसे बयान कभी नहीं देंगे।

राहुल के वकील की दलील क्या है?
उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने दलील दी है कि विपक्ष के नेता को देश के मुद्दों पर सवाल उठाने से रोका नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार, कोर्ट को कोई भी आपराधिक शिकायत स्वीकार करने से पहले आरोपी की भी बात सुननी चाहिए।

4 दिसंबर को अगली सुनवाई
राहुल गांधी के वकील की दलील है कि शिकायत पढ़कर ही आरोप संदिग्ध लगते हैं और यह भी कहा कि राहुल गांधी लखनऊ के निवासी नहीं हैं, इसलिए समन जारी करने से पहले आरोपों की जांच करनी चाहिए। बता दें इस मामले में अगली सुनवाई 4 दिसंबर को होगी।

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